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दुर्गा सप्तशती 5.75

अध्याय 5, श्लोक 75

अध्याय 5: Devyā Dūta Saṃvādaदेव्या दूतसंवाद

देव्युवाच एवमेतद् बली शुम्भो निशुम्भश्चापितादृशः किं करोमि प्रतिज्ञा मे यदनालोचिता पुरा

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लिप्यंतरण

devyuvāca evametad balī śumbho niśumbhaścāpitādṛśaḥ kiṃ karomi pratijñā me yadanālocitā purā

अर्थ

(देवी बोलीं —) 'ऐसा ही है — शुम्भ बलवान् है, और निशुम्भ भी वैसा ही। मैं क्या करूँ? मेरी प्रतिज्ञा पहले बिना विचारे ही की गई थी।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 5.75 का अर्थ क्या है?
(देवी बोलीं —) 'ऐसा ही है — शुम्भ बलवान् है, और निशुम्भ भी वैसा ही। मैं क्या करूँ? मेरी प्रतिज्ञा पहले बिना विचारे ही की गई थी।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 5 (Devyā Dūta Saṃvāda — देवी-दूत संवाद) का 75वाँ श्लोक है।