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दुर्गा सप्तशती 5.69

अध्याय 5, श्लोक 69

अध्याय 5: Devyā Dūta Saṃvādaदेव्या दूतसंवाद

यो मां जयति सङ्ग्रामे यो मे दर्पं व्यपोहति यो मे प्रतिबलो लोके मे भर्ता भविष्यति

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लिप्यंतरण

yo māṃ jayati saṅgrāme yo me darpaṃ vyapohati yo me pratibalo loke sa me bhartā bhaviṣyati

अर्थ

'जो मुझे युद्ध में जीत ले, जो मेरे दर्प को दूर कर दे, जो संसार में मेरे बराबर बल वाला हो — वही मेरा पति होगा।'

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 5.69 का अर्थ क्या है?
'जो मुझे युद्ध में जीत ले, जो मेरे दर्प को दूर कर दे, जो संसार में मेरे बराबर बल वाला हो — वही मेरा पति होगा।'
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 5 (Devyā Dūta Saṃvāda — देवी-दूत संवाद) का 69वाँ श्लोक है।