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दुर्गा सप्तशती 5.41

अध्याय 5, श्लोक 41

अध्याय 5: Devyā Dūta Saṃvādaदेव्या दूतसंवाद

तस्यां विनिर्गतायां तु कृष्णाभूत्सापि पार्वती कालिकेति समाख्याता हिमाचलकृताश्रया

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लिप्यंतरण

tasyāṃ vinirgatāyāṃ tu kṛṣṇābhūtsāpi pārvatī kāliketi samākhyātā himācalakṛtāśrayā

अर्थ

उनके निकल जाने पर पार्वती भी कृष्णवर्णा हो गईं और 'कालिका' नाम से विख्यात होकर हिमालय पर निवास करने लगीं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 5.41 का अर्थ क्या है?
उनके निकल जाने पर पार्वती भी कृष्णवर्णा हो गईं और 'कालिका' नाम से विख्यात होकर हिमालय पर निवास करने लगीं।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 5 (Devyā Dūta Saṃvāda — देवी-दूत संवाद) का 41वाँ श्लोक है।