अध्याय 5, श्लोक 39
अध्याय 5: Devyā Dūta Saṃvāda — देव्या दूतसंवादस्तोत्रं ममैतत्क्रियते शुम्भदैत्यनिराकृतैः । देवैः समेतैः समरे निशुम्भेन पराजितैः ॥
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लिप्यंतरण
stotraṃ mamaitatkriyate śumbhadaityanirākṛtaiḥ devaiḥ sametaiḥ samare niśumbhena parājitaiḥ
अर्थ
'शुम्भ दैत्य द्वारा तिरस्कृत और निशुम्भ द्वारा युद्ध में पराजित एकत्रित देवताओं द्वारा यह स्तोत्र मेरे लिए किया जा रहा है।'
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 5.39 का अर्थ क्या है?▼
'शुम्भ दैत्य द्वारा तिरस्कृत और निशुम्भ द्वारा युद्ध में पराजित एकत्रित देवताओं द्वारा यह स्तोत्र मेरे लिए किया जा रहा है।'
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 5 (Devyā Dūta Saṃvāda — देवी-दूत संवाद) का 39वाँ श्लोक है।