अध्याय 3, श्लोक 41
अध्याय 3: Mahiṣāsura Vadha — महिषासुरवधतुष्टुवुस्तां सुरा देवीं सहदिव्यैर्महर्षिभिः । जगुर्गन्धर्वपतयो ननृतुश्चाप्सरोगणाः ॥
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लिप्यंतरण
tuṣṭuvustāṃ surā devīṃ sahadivyairmaharṣibhiḥ jagurgandharvapatayo nanṛtuścāpsarogaṇāḥ
अर्थ
देवताओं ने दिव्य महर्षियों सहित देवी की स्तुति की; गंधर्वराज गाने लगे और अप्सराओं के समूह नृत्य करने लगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 3.41 का अर्थ क्या है?▼
देवताओं ने दिव्य महर्षियों सहित देवी की स्तुति की; गंधर्वराज गाने लगे और अप्सराओं के समूह नृत्य करने लगे।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 3 (Mahiṣāsura Vadha — महिषासुर वध) का 41वाँ श्लोक है।