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दुर्गा सप्तशती 3.22

अध्याय 3, श्लोक 22

अध्याय 3: Mahiṣāsura Vadhaमहिषासुरवध

वेगेन कांश्चिदपरान्नादेन भ्रमणेन निःश्वासपवनेनान्यान्पातयामास भूतले

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लिप्यंतरण

vegena kāṃścidaparānnādena bhramaṇena ca niḥśvāsapavanenānyānpātayāmāsa bhūtale

अर्थ

और कुछ अन्य को वेग से, गर्जना से व चक्कर काटने से, तथा कुछ को निःश्वास की वायु से उसने धरती पर गिरा दिया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 3.22 का अर्थ क्या है?
और कुछ अन्य को वेग से, गर्जना से व चक्कर काटने से, तथा कुछ को निःश्वास की वायु से उसने धरती पर गिरा दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 3 (Mahiṣāsura Vadha — महिषासुर वध) का 22वाँ श्लोक है।