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दुर्गा सप्तशती 3.21

अध्याय 3, श्लोक 21

अध्याय 3: Mahiṣāsura Vadhaमहिषासुरवध

कांश्चित्तुण्डप्रहारेण खुरक्षेपैस्तथापरान् लाङ्गूलताडितांश्चान्यान् श‍ृङ्गाभ्यां विदारितान्

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लिप्यंतरण

kāṃścittuṇḍaprahāreṇa khurakṣepaistathāparān lāṅgūlatāḍitāṃścānyān śa‍ṛṅgābhyāṃ ca vidāritān

अर्थ

किसी को थूथन के प्रहार से, किसी को खुरों की मार से, किसी को पूँछ से पीटकर, और किसी को दोनों सींगों से चीरकर;

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 3.21 का अर्थ क्या है?
किसी को थूथन के प्रहार से, किसी को खुरों की मार से, किसी को पूँछ से पीटकर, और किसी को दोनों सींगों से चीरकर;
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 3 (Mahiṣāsura Vadha — महिषासुर वध) का 21वाँ श्लोक है।