अध्याय 3, श्लोक 19
अध्याय 3: Mahiṣāsura Vadha — महिषासुरवधबिडालस्यासिना कायात् पातयामास वै शिरः । दुर्धरं दुर्मुखं चोभौ शरैर्निन्ये यमक्षयम् ॥
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लिप्यंतरण
biḍālasyāsinā kāyāt pātayāmāsa vai śiraḥ durdharaṃ durmukhaṃ cobhau śarairninye yamakṣayam
अर्थ
बिडाल का सिर उन्होंने खड्ग से उसके शरीर से काट गिराया; और दुर्धर तथा दुर्मुख — दोनों को बाणों से यमलोक पहुँचा दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 3.19 का अर्थ क्या है?▼
बिडाल का सिर उन्होंने खड्ग से उसके शरीर से काट गिराया; और दुर्धर तथा दुर्मुख — दोनों को बाणों से यमलोक पहुँचा दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 3 (Mahiṣāsura Vadha — महिषासुर वध) का 19वाँ श्लोक है।