अध्याय 3, श्लोक 14
अध्याय 3: Mahiṣāsura Vadha — महिषासुरवधयुध्यमानौ ततस्तौ तु तस्मान्नागान्महीं गतौ । युयुधातेऽतिसंरब्धौ प्रहारैरतिदारुणैः ॥
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लिप्यंतरण
yudhyamānau tatastau tu tasmānnāgānmahīṃ gatau yuyudhāte'tisaṃrabdhau prahārairatidāruṇaiḥ
अर्थ
युद्ध करते हुए वे दोनों उस हाथी से उतरकर भूमि पर आ गए, और अत्यंत क्रुद्ध होकर भयंकर प्रहारों से लड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 3.14 का अर्थ क्या है?▼
युद्ध करते हुए वे दोनों उस हाथी से उतरकर भूमि पर आ गए, और अत्यंत क्रुद्ध होकर भयंकर प्रहारों से लड़े।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 3 (Mahiṣāsura Vadha — महिषासुर वध) का 14वाँ श्लोक है।