अध्याय 3, श्लोक 13
अध्याय 3: Mahiṣāsura Vadha — महिषासुरवधततः सिंहः समुत्पत्य गजकुम्भान्तरे स्थितः । बाहुयुद्धेन युयुधे तेनोच्चैस्त्रिदशारिणा ॥
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लिप्यंतरण
tataḥ siṃhaḥ samutpatya gajakumbhāntare sthitaḥ bāhuyuddhena yuyudhe tenoccaistridaśāriṇā
अर्थ
तब सिंह ने उछलकर हाथी के कुम्भस्थल (गण्डस्थल) पर स्थित होकर उस देवद्रोही के साथ ऊपर ही बाहुयुद्ध किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 3.13 का अर्थ क्या है?▼
तब सिंह ने उछलकर हाथी के कुम्भस्थल (गण्डस्थल) पर स्थित होकर उस देवद्रोही के साथ ऊपर ही बाहुयुद्ध किया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 3 (Mahiṣāsura Vadha — महिषासुर वध) का 13वाँ श्लोक है।