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दुर्गा सप्तशती 2.62

अध्याय 2, श्लोक 62

अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadhaमहिषासुरसैन्यवध

कबन्धा युयुधुर्देव्या गृहीतपरमायुधाः ननृतुश्चापरे तत्र युद्धे तूर्यलयाश्रिताः

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लिप्यंतरण

kabandhā yuyudhurdevyā gṛhītaparamāyudhāḥ nanṛtuścāpare tatra yuddhe tūryalayāśritāḥ

अर्थ

श्रेष्ठ आयुध थामे कबन्ध (धड़) देवी से युद्ध करने लगे; और कुछ अन्य उस युद्ध में बाजों की लय के साथ नाचने लगे।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 2.62 का अर्थ क्या है?
श्रेष्ठ आयुध थामे कबन्ध (धड़) देवी से युद्ध करने लगे; और कुछ अन्य उस युद्ध में बाजों की लय के साथ नाचने लगे।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 62वाँ श्लोक है।