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दुर्गा सप्तशती 2.60

अध्याय 2, श्लोक 60

अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadhaमहिषासुरसैन्यवध

शिरांसि पेतुरन्येषामन्ये मध्ये विदारिताः विच्छिन्नजङ्घास्त्वपरे पेतुरुर्व्यां महासुराः

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लिप्यंतरण

śirāṃsi peturanyeṣāmanye madhye vidāritāḥ vicchinnajaṅghāstvapare petururvyāṃ mahāsurāḥ

अर्थ

किन्हीं अन्य के सिर गिर पड़े, कुछ बीच से चीर दिए गए; और कुछ अन्य महान् असुर जंघाएँ कटकर पृथ्वी पर गिर पड़े।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 2.60 का अर्थ क्या है?
किन्हीं अन्य के सिर गिर पड़े, कुछ बीच से चीर दिए गए; और कुछ अन्य महान् असुर जंघाएँ कटकर पृथ्वी पर गिर पड़े।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 60वाँ श्लोक है।