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दुर्गा सप्तशती 2.59

अध्याय 2, श्लोक 59

अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadhaमहिषासुरसैन्यवध

श्येनानुकारिणः प्राणान् मुमुचुस्त्रिदशार्दनाः केषाञ्चिद् बाहवश्छिन्नाश्छिन्नग्रीवास्तथापरे

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लिप्यंतरण

śyenānukāriṇaḥ prāṇān mumucustridaśārdanāḥ keṣāñcid bāhavaśchinnāśchinnagrīvāstathāpare

अर्थ

वे देवद्रोही श्येन (बाज) के समान प्राण त्यागने लगे। किन्हीं की भुजाएँ कट गईं, किन्हीं की गर्दनें,

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 2.59 का अर्थ क्या है?
वे देवद्रोही श्येन (बाज) के समान प्राण त्यागने लगे। किन्हीं की भुजाएँ कट गईं, किन्हीं की गर्दनें,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 59वाँ श्लोक है।