अध्याय 2, श्लोक 52
अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुरसैन्यवधत एव सद्यः सम्भूता गणाः शतसहस्रशः । युयुधुस्ते परशुभिर्भिन्दिपालासिपट्टिशैः ॥
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लिप्यंतरण
ta eva sadyaḥ sambhūtā gaṇāḥ śatasahasraśaḥ yuyudhuste paraśubhirbhindipālāsipaṭṭiśaiḥ
अर्थ
वे ही निःश्वास तत्काल सैकड़ों-हज़ारों गणों में परिणत हो गए। उन्होंने परशुओं, भिन्दिपालों, खड्गों और पट्टिशों से युद्ध किया,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 2.52 का अर्थ क्या है?▼
वे ही निःश्वास तत्काल सैकड़ों-हज़ारों गणों में परिणत हो गए। उन्होंने परशुओं, भिन्दिपालों, खड्गों और पट्टिशों से युद्ध किया,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 52वाँ श्लोक है।