Mantra.Tips
दुर्गा सप्तशती 2.42

अध्याय 2, श्लोक 42

अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadhaमहिषासुरसैन्यवध

अयुतानां शतैः षड्भिर्बाष्कलो युयुधे रणे गजवाजिसहस्रौघैरनेकैः परिवारितः

🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ

लिप्यंतरण

ayutānāṃ śataiḥ ṣaḍbhirbāṣkalo yuyudhe raṇe gajavājisahasraughairanekaiḥ parivāritaḥ

अर्थ

और साठ लाख (रथों) वाला बाष्कल युद्ध में लड़े, जो अनेक सहस्र हाथियों व घोड़ों से घिरे हुए थे;

इस श्लोक को साझा करें
Share:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 2.42 का अर्थ क्या है?
और साठ लाख (रथों) वाला बाष्कल युद्ध में लड़े, जो अनेक सहस्र हाथियों व घोड़ों से घिरे हुए थे;
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 42वाँ श्लोक है।