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दुर्गा सप्तशती 2.41

अध्याय 2, श्लोक 41

अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadhaमहिषासुरसैन्यवध

अयुध्यतायुतानां सहस्रेण महाहनुः पञ्चाशद्भिश्च नियुतैरसिलोमा महासुरः

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लिप्यंतरण

ayudhyatāyutānāṃ ca sahasreṇa mahāhanuḥ pañcāśadbhiśca niyutairasilomā mahāsuraḥ

अर्थ

और एक करोड़ (रथों) वाला महाहनु लड़े; पचास करोड़ (रथों) वाला असिलोमा नामक महान् असुर,

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 2.41 का अर्थ क्या है?
और एक करोड़ (रथों) वाला महाहनु लड़े; पचास करोड़ (रथों) वाला असिलोमा नामक महान् असुर,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 41वाँ श्लोक है।