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दुर्गा सप्तशती 2.4

अध्याय 2, श्लोक 4

अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadhaमहिषासुरसैन्यवध

यथावृत्तं तयोस्तद्वन्महिषासुरचेष्टितम् त्रिदशाः कथयामासुर्देवाभिभवविस्तरम्

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लिप्यंतरण

yathāvṛttaṃ tayostadvanmahiṣāsuraceṣṭitam tridaśāḥ kathayāmāsurdevābhibhavavistaram

अर्थ

देवताओं ने उन दोनों से, जैसा हुआ था ठीक वैसा ही, महिषासुर के कृत्यों और देवताओं की पराजय का सारा विस्तार कह सुनाया —

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 2.4 का अर्थ क्या है?
देवताओं ने उन दोनों से, जैसा हुआ था ठीक वैसा ही, महिषासुर के कृत्यों और देवताओं की पराजय का सारा विस्तार कह सुनाया —
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 4वाँ श्लोक है।