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दुर्गा सप्तशती 2.35

अध्याय 2, श्लोक 35

अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadhaमहिषासुरसैन्यवध

सन्नद्धाखिलसैन्यास्ते समुत्तस्थुरुदायुधाः आः किमेतदिति क्रोधादाभाष्य महिषासुरः

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लिप्यंतरण

sannaddhākhilasainyāste samuttasthurudāyudhāḥ āḥ kimetaditi krodhādābhāṣya mahiṣāsuraḥ

अर्थ

अपनी समस्त सेनाओं को सुसज्जित कर, शस्त्र उठाए हुए एक साथ उठ खड़े हुए। 'अरे! यह क्या है?' — ऐसा क्रोध से कहकर महिषासुर,

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 2.35 का अर्थ क्या है?
अपनी समस्त सेनाओं को सुसज्जित कर, शस्त्र उठाए हुए एक साथ उठ खड़े हुए। 'अरे! यह क्या है?' — ऐसा क्रोध से कहकर महिषासुर,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 35वाँ श्लोक है।