अध्याय 2, श्लोक 26
अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुरसैन्यवधअङ्गुलीयकरत्नानि समस्तास्वङ्गुलीषु च । विश्वकर्मा ददौ तस्यै परशुं चातिनिर्मलम् ॥
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लिप्यंतरण
aṅgulīyakaratnāni samastāsvaṅgulīṣu ca viśvakarmā dadau tasyai paraśuṃ cātinirmalam
अर्थ
और सब अँगुलियों के लिए रत्नजड़ित अँगूठियाँ दीं। विश्वकर्मा ने उन्हें एक अत्यंत निर्मल परशु,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 2.26 का अर्थ क्या है?▼
और सब अँगुलियों के लिए रत्नजड़ित अँगूठियाँ दीं। विश्वकर्मा ने उन्हें एक अत्यंत निर्मल परशु,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 26वाँ श्लोक है।