अध्याय 2, श्लोक 22
अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुरसैन्यवधकालदण्डाद्यमो दण्डं पाशं चाम्बुपतिर्ददौ । प्रजापतिश्चाक्षमालां ददौ ब्रह्मा कमण्डलुम् ॥
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लिप्यंतरण
kāladaṇḍādyamo daṇḍaṃ pāśaṃ cāmbupatirdadau prajāpatiścākṣamālāṃ dadau brahmā kamaṇḍalum
अर्थ
यम ने अपने कालदण्ड से दण्ड, जलपति वरुण ने पाश, प्रजापति ने अक्षमाला और ब्रह्मा ने कमण्डलु दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 2.22 का अर्थ क्या है?▼
यम ने अपने कालदण्ड से दण्ड, जलपति वरुण ने पाश, प्रजापति ने अक्षमाला और ब्रह्मा ने कमण्डलु दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 22वाँ श्लोक है।