अध्याय 13, श्लोक 18
अध्याय 13: Suratha-Vaiśyayor Varapradāna — सुरथवैश्ययोर्वरप्रदानसावर्णिको मनुर्नाम भवान्भुवि भविष्यति ॥
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लिप्यंतरण
sāvarṇiko manurnāma bhavānbhuvi bhaviṣyati
अर्थ
आप पृथ्वी पर सावर्णि नामक मनु होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 13.18 का अर्थ क्या है?▼
आप पृथ्वी पर सावर्णि नामक मनु होंगे।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 13 (Suratha-Vaiśyayor Varapradāna — सुरथ व वैश्य को वरदान) का 18वाँ श्लोक है।