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दुर्गा सप्तशती 12.36

अध्याय 12, श्लोक 36

अध्याय 12: Bhagavatī Vākya (Phalaśruti)भगवतीवाक्य (फलश्रुति)

व्याप्तं तयैतत्सकलं ब्रह्माण्डं मनुजेश्वर महादेव्या महाकाली महामारीस्वरूपया

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लिप्यंतरण

vyāptaṃ tayaitatsakalaṃ brahmāṇḍaṃ manujeśvara mahādevyā mahākālī mahāmārīsvarūpayā

अर्थ

हे मनुजेश्वर! महाकाली और महामारी-स्वरूपा उन महादेवी से ही यह समस्त ब्रह्माण्ड व्याप्त है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 12.36 का अर्थ क्या है?
हे मनुजेश्वर! महाकाली और महामारी-स्वरूपा उन महादेवी से ही यह समस्त ब्रह्माण्ड व्याप्त है।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 12 (Bhagavatī Vākya (Phalaśruti) — भगवती वाक्य — फलश्रुति) का 36वाँ श्लोक है।