Mantra.Tips
दुर्गा सप्तशती 10.7

अध्याय 10, श्लोक 7

अध्याय 10: Śumbha Vadhaशुम्भवध

शरवर्षैः शितैः शस्त्रैस्तथा चास्त्रैः सुदारुणैः तयोर्युद्धमभूद्भूयः सर्वलोकभयङ्करम्

🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ

लिप्यंतरण

śaravarṣaiḥ śitaiḥ śastraistathā cāstraiḥ sudāruṇaiḥ tayoryuddhamabhūdbhūyaḥ sarvalokabhayaṅkaram

अर्थ

बाणों की वर्षा, तीखे शस्त्रों और अत्यन्त भयंकर अस्त्रों से उन दोनों का युद्ध फिर समस्त लोकों के लिए भयंकर हो उठा।

इस श्लोक को साझा करें
Share:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 10.7 का अर्थ क्या है?
बाणों की वर्षा, तीखे शस्त्रों और अत्यन्त भयंकर अस्त्रों से उन दोनों का युद्ध फिर समस्त लोकों के लिए भयंकर हो उठा।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 10 (Śumbha Vadha — शुम्भ वध) का 7वाँ श्लोक है।