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दुर्गा सप्तशती 10.8

अध्याय 10, श्लोक 8

अध्याय 10: Śumbha Vadhaशुम्भवध

दिव्यान्यस्त्राणि शतशो मुमुचे यान्यथाम्बिका बभञ्ज तानि दैत्येन्द्रस्तत्प्रतीघातकर्तृभिः

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लिप्यंतरण

divyānyastrāṇi śataśo mumuce yānyathāmbikā babhañja tāni daityendrastatpratīghātakartṛbhiḥ

अर्थ

तब अम्बिका ने सैकड़ों जो दिव्य अस्त्र छोड़े, उन्हें दैत्यराज ने उनके प्रतिकारक अस्त्रों से तोड़ डाला।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 10.8 का अर्थ क्या है?
तब अम्बिका ने सैकड़ों जो दिव्य अस्त्र छोड़े, उन्हें दैत्यराज ने उनके प्रतिकारक अस्त्रों से तोड़ डाला।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 10 (Śumbha Vadha — शुम्भ वध) का 8वाँ श्लोक है।