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दुर्गा सप्तशती 10.4

अध्याय 10, श्लोक 4

अध्याय 10: Śumbha Vadhaशुम्भवध

ततः समस्तास्ता देव्यो ब्रह्माणीप्रमुखा लयम् तस्या देव्यास्तनौ जग्मुरेकैवासीत्तदाम्बिका

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लिप्यंतरण

tataḥ samastāstā devyo brahmāṇīpramukhā layam tasyā devyāstanau jagmurekaivāsīttadāmbikā

अर्थ

तब ब्राह्मणी आदि वे समस्त देवियाँ उस देवी के शरीर में लीन हो गईं; तब अकेली अम्बिका ही शेष रहीं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 10.4 का अर्थ क्या है?
तब ब्राह्मणी आदि वे समस्त देवियाँ उस देवी के शरीर में लीन हो गईं; तब अकेली अम्बिका ही शेष रहीं।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 10 (Śumbha Vadha — शुम्भ वध) का 4वाँ श्लोक है।