अध्याय 10, श्लोक 20
अध्याय 10: Śumbha Vadha — शुम्भवधततो नियुद्धं सुचिरं कृत्वा तेनाम्बिका सह । उत्पाट्य भ्रामयामास चिक्षेप धरणीतले ॥
🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ
लिप्यंतरण
tato niyuddhaṃ suciraṃ kṛtvā tenāmbikā saha utpāṭya bhrāmayāmāsa cikṣepa dharaṇītale
अर्थ
तब उसके साथ चिरकाल तक मल्लयुद्ध करके अम्बिका ने उसे उठाकर, घुमाकर पृथ्वी पर पटक दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 10.20 का अर्थ क्या है?▼
तब उसके साथ चिरकाल तक मल्लयुद्ध करके अम्बिका ने उसे उठाकर, घुमाकर पृथ्वी पर पटक दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 10 (Śumbha Vadha — शुम्भ वध) का 20वाँ श्लोक है।