Mantra.Tips
दुर्गा सप्तशती 10.12

अध्याय 10, श्लोक 12

अध्याय 10: Śumbha Vadhaशुम्भवध

ततः खड्गमुपादाय शतचन्द्रं भानुमत् अभ्यधा वत तां देवीं दैत्यानामधिपेश्वरः

🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ

लिप्यंतरण

tataḥ khaḍgamupādāya śatacandraṃ ca bhānumat abhyadhā vata tāṃ devīṃ daityānāmadhipeśvaraḥ

अर्थ

तब दैत्यों के परम अधीश्वर ने खड्ग और सौ चन्द्रों से युक्त चमकती ढाल लेकर देवी पर आक्रमण किया।

इस श्लोक को साझा करें
Share:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 10.12 का अर्थ क्या है?
तब दैत्यों के परम अधीश्वर ने खड्ग और सौ चन्द्रों से युक्त चमकती ढाल लेकर देवी पर आक्रमण किया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 10 (Śumbha Vadha — शुम्भ वध) का 12वाँ श्लोक है।