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दुर्गा सप्तशती 9.4

अध्याय 9, श्लोक 4

अध्याय 9: Niśumbha Vadhaनिशुम्भवध

हन्यमानं महासैन्यं विलोक्यामर्षमुद्वहन् अभ्यधावन्निशुम्भोऽथ मुख्ययासुरसेनया

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लिप्यंतरण

hanyamānaṃ mahāsainyaṃ vilokyāmarṣamudvahan abhyadhāvanniśumbho'tha mukhyayāsurasenayā

अर्थ

अपनी महासेना का संहार होते देख और अमर्ष धारण कर तब निशुम्भ प्रमुख असुर-सेना के साथ आगे बढ़ा।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 9.4 का अर्थ क्या है?
अपनी महासेना का संहार होते देख और अमर्ष धारण कर तब निशुम्भ प्रमुख असुर-सेना के साथ आगे बढ़ा।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 4वाँ श्लोक है।