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दुर्गा सप्तशती 9.38

अध्याय 9, श्लोक 38

अध्याय 9: Niśumbha Vadhaनिशुम्भवध

खण्डं खण्डं चक्रेण वैष्णव्या दानवाः कृताः वज्रेण चैन्द्रीहस्ताग्रविमुक्तेन तथापरे

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लिप्यंतरण

khaṇḍaṃ khaṇḍaṃ ca cakreṇa vaiṣṇavyā dānavāḥ kṛtāḥ vajreṇa caindrīhastāgravimuktena tathāpare

अर्थ

दानव वैष्णवी के चक्र से टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए, और कुछ अन्य ऐन्द्री के हाथ के अग्रभाग से छोड़े गए वज्र से।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 9.38 का अर्थ क्या है?
दानव वैष्णवी के चक्र से टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए, और कुछ अन्य ऐन्द्री के हाथ के अग्रभाग से छोड़े गए वज्र से।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 38वाँ श्लोक है।