अध्याय 9, श्लोक 14
अध्याय 9: Niśumbha Vadha — निशुम्भवधततः परशुहस्तं तमायान्तं दैत्यपुङ्गवम् । आहत्य देवी बाणौघैरपातयत भूतले ॥
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लिप्यंतरण
tataḥ paraśuhastaṃ tamāyāntaṃ daityapuṅgavam āhatya devī bāṇaughairapātayata bhūtale
अर्थ
तब परशु हाथ में लिए आते हुए उस दैत्यश्रेष्ठ को देवी ने बाण-समूहों से आहत कर भूमि पर गिरा दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 9.14 का अर्थ क्या है?▼
तब परशु हाथ में लिए आते हुए उस दैत्यश्रेष्ठ को देवी ने बाण-समूहों से आहत कर भूमि पर गिरा दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 14वाँ श्लोक है।