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दुर्गा सप्तशती 8.17

अध्याय 8, श्लोक 17

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

तथैव वैष्णवी शक्तिर्गरुडोपरि संस्थिता शङ्खचक्रगदाशार्ङ्गखड्गहस्ताभ्युपाययौ

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लिप्यंतरण

tathaiva vaiṣṇavī śaktirgaruḍopari saṃsthitā śaṅkhacakragadāśārṅgakhaḍgahastābhyupāyayau

अर्थ

वैसे ही गरुड़ पर विराजमान वैष्णवी शक्ति शंख, चक्र, गदा, शार्ङ्ग धनुष और खड्ग हाथों में लिए आईं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.17 का अर्थ क्या है?
वैसे ही गरुड़ पर विराजमान वैष्णवी शक्ति शंख, चक्र, गदा, शार्ङ्ग धनुष और खड्ग हाथों में लिए आईं।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 17वाँ श्लोक है।