अध्याय 8, श्लोक 13
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधयस्य देवस्य यद्रूपं यथा भूषणवाहनम् । तद्वदेव हि तच्छक्तिरसुरान्योद्धुमाययौ ॥
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लिप्यंतरण
yasya devasya yadrūpaṃ yathā bhūṣaṇavāhanam tadvadeva hi tacchaktirasurānyoddhumāyayau
अर्थ
जिस देवता का जैसा रूप, जैसे आभूषण और वाहन थे, उसकी शक्ति भी ठीक वैसी ही होकर असुरों से युद्ध करने आई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.13 का अर्थ क्या है?▼
जिस देवता का जैसा रूप, जैसे आभूषण और वाहन थे, उसकी शक्ति भी ठीक वैसी ही होकर असुरों से युद्ध करने आई।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 13वाँ श्लोक है।