अध्याय 8, श्लोक 12
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधब्रह्मेशगुहविष्णूनां तथेन्द्रस्य च शक्तयः । शरीरेभ्यो विनिष्क्रम्य तद्रूपैश्चण्डिकां ययुः ॥
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लिप्यंतरण
brahmeśaguhaviṣṇūnāṃ tathendrasya ca śaktayaḥ śarīrebhyo viniṣkramya tadrūpaiścaṇḍikāṃ yayuḥ
अर्थ
ब्रह्मा, शिव (ईश), गुह (कार्तिकेय), विष्णु तथा इन्द्र की शक्तियाँ उनके शरीरों से उन्हीं के रूपों में निकलकर चण्डिका के पास गईं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.12 का अर्थ क्या है?▼
ब्रह्मा, शिव (ईश), गुह (कार्तिकेय), विष्णु तथा इन्द्र की शक्तियाँ उनके शरीरों से उन्हीं के रूपों में निकलकर चण्डिका के पास गईं।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 12वाँ श्लोक है।