अध्याय 8, श्लोक 10
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधतं निनादमुपश्रुत्य दैत्यसैन्यैश्चतुर्दिशम् । देवी सिंहस्तथा काली सरोषैः परिवारिताः ॥
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लिप्यंतरण
taṃ ninādamupaśrutya daityasainyaiścaturdiśam devī siṃhastathā kālī saroṣaiḥ parivāritāḥ
अर्थ
उस निनाद को सुनकर दैत्य-सेनाओं ने क्रोध से भरकर चारों ओर से देवी, सिंह और काली को घेर लिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.10 का अर्थ क्या है?▼
उस निनाद को सुनकर दैत्य-सेनाओं ने क्रोध से भरकर चारों ओर से देवी, सिंह और काली को घेर लिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 10वाँ श्लोक है।