अध्याय 6, श्लोक 11
अध्याय 6: Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचनवधततो धुतसटः कोपात्कृत्वा नादं सुभैरवम् । पपातासुरसेनायां सिंहो देव्याः स्ववाहनः ॥
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लिप्यंतरण
tato dhutasaṭaḥ kopātkṛtvā nādaṃ subhairavam papātāsurasenāyāṃ siṃho devyāḥ svavāhanaḥ
अर्थ
तभी देवी का वाहन सिंह क्रोध से अयाल झटकता और अत्यन्त भयंकर गर्जना करता हुआ असुर-सेना पर टूट पड़ा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 6.11 का अर्थ क्या है?▼
तभी देवी का वाहन सिंह क्रोध से अयाल झटकता और अत्यन्त भयंकर गर्जना करता हुआ असुर-सेना पर टूट पड़ा।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 6 (Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचन वध) का 11वाँ श्लोक है।