अध्याय 2, श्लोक 28
अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुरसैन्यवधअददज्जलधिस्तस्यै पङ्कजं चातिशोभनम् । हिमवान् वाहनं सिंहं रत्नानि विविधानि च ॥
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लिप्यंतरण
adadajjaladhistasyai paṅkajaṃ cātiśobhanam himavān vāhanaṃ siṃhaṃ ratnāni vividhāni ca
अर्थ
और हाथ के लिए एक अत्यंत शोभायमान कमल दिया। हिमवान् (हिमालय) ने वाहन के रूप में सिंह तथा अनेक प्रकार के रत्न दिए;
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 2.28 का अर्थ क्या है?▼
और हाथ के लिए एक अत्यंत शोभायमान कमल दिया। हिमवान् (हिमालय) ने वाहन के रूप में सिंह तथा अनेक प्रकार के रत्न दिए;
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 28वाँ श्लोक है।