अध्याय 12, श्लोक 30
अध्याय 12: Bhagavatī Vākya (Phalaśruti) — भगवतीवाक्य (फलश्रुति)ऋषिरुवाच इत्युक्त्वा सा भगवती चण्डिका चण्डविक्रमा ॥
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लिप्यंतरण
ṛṣiruvāca ityuktvā sā bhagavatī caṇḍikā caṇḍavikramā
अर्थ
(ऋषि बोले —) ऐसा कहकर प्रचण्ड पराक्रम वाली वह भगवती चण्डिका,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 12.30 का अर्थ क्या है?▼
(ऋषि बोले —) ऐसा कहकर प्रचण्ड पराक्रम वाली वह भगवती चण्डिका,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 12 (Bhagavatī Vākya (Phalaśruti) — भगवती वाक्य — फलश्रुति) का 30वाँ श्लोक है।