अध्याय 11, श्लोक 48
अध्याय 11: Nārāyaṇī Stuti — नारायणीस्तुतिभीमादेवीति विख्यातं तन्मे नाम भविष्यति । यदारुणाख्यस्त्रैलोक्ये महाबाधां करिष्यति ॥
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लिप्यंतरण
bhīmādevīti vikhyātaṃ tanme nāma bhaviṣyati yadāruṇākhyastrailokye mahābādhāṃ kariṣyati
अर्थ
मेरा वह नाम 'भीमा देवी' विख्यात होगा। और जब अरुण नामक (असुर) त्रैलोक्य में महान् उपद्रव करेगा,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 11.48 का अर्थ क्या है?▼
मेरा वह नाम 'भीमा देवी' विख्यात होगा। और जब अरुण नामक (असुर) त्रैलोक्य में महान् उपद्रव करेगा,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 11 (Nārāyaṇī Stuti — नारायणी स्तुति) का 48वाँ श्लोक है।