अध्याय 11, श्लोक 46
अध्याय 11: Nārāyaṇī Stuti — नारायणीस्तुतिदुर्गादेवीति विख्यातं तन्मे नाम भविष्यति । पुनश्चाहं यदा भीमं रूपं कृत्वा हिमाचले ॥
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लिप्यंतरण
durgādevīti vikhyātaṃ tanme nāma bhaviṣyati punaścāhaṃ yadā bhīmaṃ rūpaṃ kṛtvā himācale
अर्थ
इसीलिए मेरा वह नाम 'दुर्गा देवी' विख्यात होगा। और फिर जब मैं हिमालय पर भीम (भयंकर) रूप धारण करके,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 11.46 का अर्थ क्या है?▼
इसीलिए मेरा वह नाम 'दुर्गा देवी' विख्यात होगा। और फिर जब मैं हिमालय पर भीम (भयंकर) रूप धारण करके,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 11 (Nārāyaṇī Stuti — नारायणी स्तुति) का 46वाँ श्लोक है।