Mantra.Tips
दुर्गा सप्तशती 11.24

अध्याय 11, श्लोक 24

अध्याय 11: Nārāyaṇī Stutiनारायणीस्तुति

एतत्ते वदनं सौम्यं लोचनत्रयभूषितम् पातु नः सर्वभूतेभ्यः कात्यायनि नमोऽस्तु ते

🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ

लिप्यंतरण

etatte vadanaṃ saumyaṃ locanatrayabhūṣitam pātu naḥ sarvabhūtebhyaḥ kātyāyani namo'stu te

अर्थ

तीन नेत्रों से सुशोभित आपका यह सौम्य मुख हमें समस्त भयों से रक्षित करे; हे कात्यायनि! आपको नमस्कार है।

इस श्लोक को साझा करें
Share:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 11.24 का अर्थ क्या है?
तीन नेत्रों से सुशोभित आपका यह सौम्य मुख हमें समस्त भयों से रक्षित करे; हे कात्यायनि! आपको नमस्कार है।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 11 (Nārāyaṇī Stuti — नारायणी स्तुति) का 24वाँ श्लोक है।