Mantra.Tips
दुर्गा सप्तशती 11.23

अध्याय 11, श्लोक 23

अध्याय 11: Nārāyaṇī Stutiनारायणीस्तुति

सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते

🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ

लिप्यंतरण

sarvasvarūpe sarveśe sarvaśaktisamanvite bhayebhyastrāhi no devi durge devi namo'stu te

अर्थ

हे सर्व-स्वरूपा, सबकी ईश्वरी, समस्त शक्तियों से युक्त! हे देवी! हमें भयों से बचाइए; हे दुर्गे देवी! आपको नमस्कार है।

इस श्लोक को साझा करें
Share:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 11.23 का अर्थ क्या है?
हे सर्व-स्वरूपा, सबकी ईश्वरी, समस्त शक्तियों से युक्त! हे देवी! हमें भयों से बचाइए; हे दुर्गे देवी! आपको नमस्कार है।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 11 (Nārāyaṇī Stuti — नारायणी स्तुति) का 23वाँ श्लोक है।