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दुर्गा सप्तशती 11.19

अध्याय 11, श्लोक 19

अध्याय 11: Nārāyaṇī Stutiनारायणीस्तुति

शिवदूतीस्वरूपेण हतदैत्यमहाबले घोररूपे महारावे नारायणि नमोऽस्तु ते

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लिप्यंतरण

śivadūtīsvarūpeṇa hatadaityamahābale ghorarūpe mahārāve nārāyaṇi namo'stu te

अर्थ

हे शिवदूती रूप से दैत्यों के महाबल का नाश करने वाली, घोर रूप और महानाद वाली! हे नारायणि! आपको नमस्कार है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 11.19 का अर्थ क्या है?
हे शिवदूती रूप से दैत्यों के महाबल का नाश करने वाली, घोर रूप और महानाद वाली! हे नारायणि! आपको नमस्कार है।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 11 (Nārāyaṇī Stuti — नारायणी स्तुति) का 19वाँ श्लोक है।