अध्याय 1, श्लोक 90
अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधुकैटभवधएवमेषा समुत्पन्ना ब्रह्मणा संस्तुता स्वयम् । प्रभावमस्या देव्यास्तु भूयः शृणु वदामि ते ॥
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लिप्यंतरण
evameṣā samutpannā brahmaṇā saṃstutā svayam prabhāvamasyā devyāstu bhūyaḥ śaṛṇu vadāmi te
अर्थ
इस प्रकार वे देवी स्वयं ब्रह्मा द्वारा स्तुति की जाकर प्रकट हुईं। अब इस देवी का प्रभाव फिर सुनो, मैं तुम्हें बताता हूँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 1.90 का अर्थ क्या है?▼
इस प्रकार वे देवी स्वयं ब्रह्मा द्वारा स्तुति की जाकर प्रकट हुईं। अब इस देवी का प्रभाव फिर सुनो, मैं तुम्हें बताता हूँ।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 90वाँ श्लोक है।