अध्याय 1, श्लोक 88
अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधुकैटभवधविलोक्य ताभ्यां गदितो भगवान् कमलेक्षणः । आवां जहि न यत्रोर्वी सलिलेन परिप्लुता ॥
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लिप्यंतरण
vilokya tābhyāṃ gadito bhagavān kamalekṣaṇaḥ āvāṃ jahi na yatrorvī salilena pariplutā
अर्थ
उन्होंने (मधु-कैटभ ने) कमलनयन भगवान् से कहा — 'जहाँ पृथ्वी जल से डूबी हुई न हो, वहाँ हमें मारिए।'
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 1.88 का अर्थ क्या है?▼
उन्होंने (मधु-कैटभ ने) कमलनयन भगवान् से कहा — 'जहाँ पृथ्वी जल से डूबी हुई न हो, वहाँ हमें मारिए।'
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 88वाँ श्लोक है।