अध्याय 1, श्लोक 85
अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधुकैटभवधश्रीभगवानुवाच भवेतामद्य मे तुष्टौ मम वध्यावुभावपि ॥
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लिप्यंतरण
śrībhagavānuvāca bhavetāmadya me tuṣṭau mama vadhyāvubhāvapi
अर्थ
श्रीभगवान् बोले — यदि आप दोनों इस समय मुझ पर प्रसन्न हैं, तो आप दोनों मेरे द्वारा वध्य हो जाइए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 1.85 का अर्थ क्या है?▼
श्रीभगवान् बोले — यदि आप दोनों इस समय मुझ पर प्रसन्न हैं, तो आप दोनों मेरे द्वारा वध्य हो जाइए।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 85वाँ श्लोक है।