अध्याय 1, श्लोक 84
अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधुकैटभवधउक्तवन्तौ वरोऽस्मत्तो व्रियतामिति केशवम् ॥
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लिप्यंतरण
uktavantau varo'smatto vriyatāmiti keśavam
अर्थ
केशव (विष्णु) से बोले — 'हमसे वर माँगिए!'
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 1.84 का अर्थ क्या है?▼
केशव (विष्णु) से बोले — 'हमसे वर माँगिए!'
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 84वाँ श्लोक है।