अध्याय 1, श्लोक 76
अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधुकैटभवधमोहयैतौ दुराधर्षावसुरौ मधुकैटभौ । प्रबोधं च जगत्स्वामी नीयतामच्युतो लघु ॥
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लिप्यंतरण
mohayaitau durādharṣāvasurau madhukaiṭabhau prabodhaṃ ca jagatsvāmī nīyatāmacyuto laghu
अर्थ
इन दोनों दुर्जय असुरों मधु और कैटभ को मोहित कीजिए; और जगत्स्वामी अच्युत विष्णु को शीघ्र जगाइए,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 1.76 का अर्थ क्या है?▼
इन दोनों दुर्जय असुरों मधु और कैटभ को मोहित कीजिए; और जगत्स्वामी अच्युत विष्णु को शीघ्र जगाइए,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 76वाँ श्लोक है।