अध्याय 1, श्लोक 69
अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधुकैटभवधकालरात्रिर्महारात्रिर्मोहरात्रिश्च दारुणा । त्वं श्रीस्त्वमीश्वरी त्वं ह्रीस्त्वं बुद्धिर्बोधलक्षणा ॥
🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ
लिप्यंतरण
kālarātrirmahārātrirmoharātriśca dāruṇā tvaṃ śrīstvamīśvarī tvaṃ hrīstvaṃ buddhirbodhalakṣaṇā
अर्थ
आप कालरात्रि, महारात्रि और दारुण मोहरात्रि हैं। आप श्री, ईश्वरी, ह्री और बोधलक्षणा बुद्धि हैं,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 1.69 का अर्थ क्या है?▼
आप कालरात्रि, महारात्रि और दारुण मोहरात्रि हैं। आप श्री, ईश्वरी, ह्री और बोधलक्षणा बुद्धि हैं,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 69वाँ श्लोक है।