अध्याय 1, श्लोक 6
अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधुकैटभवधततः स्वपुरमायातो निजदेशाधिपोऽभवत् । आक्रान्तः स महाभागस्तैस्तदा प्रबलारिभिः ॥
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लिप्यंतरण
tataḥ svapuramāyāto nijadeśādhipo'bhavat ākrāntaḥ sa mahābhāgastaistadā prabalāribhiḥ
अर्थ
तब वे अपने नगर लौट आए और अपने ही देश के अधिपति होकर रहने लगे; वहाँ भी उन महाभाग राजा पर उन बलवान् शत्रुओं ने आक्रमण कर दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 1.6 का अर्थ क्या है?▼
तब वे अपने नगर लौट आए और अपने ही देश के अधिपति होकर रहने लगे; वहाँ भी उन महाभाग राजा पर उन बलवान् शत्रुओं ने आक्रमण कर दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 6वाँ श्लोक है।