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दुर्गा सप्तशती 1.5

अध्याय 1, श्लोक 5

अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadhaमधुकैटभवध

तस्य तैरभवद्युद्धमतिप्रबलदण्डिनः न्यूनैरपि तैर्युद्धे कोलाविध्वंसिभिर्जितः

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लिप्यंतरण

tasya tairabhavadyuddhamatiprabaladaṇḍinaḥ nyūnairapi sa tairyuddhe kolāvidhvaṃsibhirjitaḥ

अर्थ

अत्यंत प्रबल दण्ड (सेना) वाले उन राजा का उनसे युद्ध हुआ; यद्यपि शत्रु संख्या में कम थे, फिर भी उस युद्ध में राजा उन कोलविध्वंसियों से पराजित हो गए।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 1.5 का अर्थ क्या है?
अत्यंत प्रबल दण्ड (सेना) वाले उन राजा का उनसे युद्ध हुआ; यद्यपि शत्रु संख्या में कम थे, फिर भी उस युद्ध में राजा उन कोलविध्वंसियों से पराजित हो गए।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 5वाँ श्लोक है।